फ्लैट धोखाधड़ी मामले में आरोपी बरी

फ्लैट धोखाधड़ी मामले में आरोपी बरी

Accused acquitted in flat fraud case

Accused acquitted in flat fraud case

चंडीगढ़, 27 मार्च: चंडीगढ़ की जिला अदालत ने करीब 8 साल पुराने फ्लैट धोखाधड़ी मामले में अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी कुलवंत सिंह को बरी कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी 

की अदालत ने स्पष्ट किया कि मामला आपराधिक धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि सिविल प्रकृति का विवाद है।
सेक्टर-34 थाना में दर्ज मामले  के तहत कुलवंत सिंह पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह का आरोप था कि आरोपी ने खुद को सोसाइटी का अध्यक्ष और फ्लैट का मालिक बताकर सेक्टर-49 स्थित पिंक रोज को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में फ्लैट बेचने का झांसा दिया।
करीब 15.60 लाख रुपये की डील में शिकायतकर्ता ने लगभग 14.5 लाख रुपये आरोपी को दे दिए, लेकिन फ्लैट का ट्रांसफर नहीं हुआ।

बचाव पक्ष के वकील हरीश भारद्वाज के अनुसार—

एग्रीमेंट में आरोपी ने खुद को मालिक नहीं, बल्कि “एग्रीमेंट होल्डर” बताया था।
फ्लैट की असली मालिक वेदवती की मृत्यु के बाद मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा था।
शिकायतकर्ता इस विवाद से अवगत होने के बावजूद समय बढ़ाता रहा।
बाद में वेदवती की नामिनी अरुणा ने वर्ष 2014 में आरोपी के साथ नया समझौता भी किया
आरोपी के खिलाफ शुरुआत से ही धोखाधड़ी की मंशा साबित नहीं होती।
मामला सिविल विवाद का है, न कि आपराधिक धोखाधड़ी का।
इन्हीं आधारों पर अदालत ने आरोपी कुलवंत सिंह को बरी कर दिया।